INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 की Cost और Features क्या है?

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अभी हाल में ही आप सबने सुना होगा की भारत ने मेक इन इंडिया के तहत अपना स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरिएर बना लिया है जिसका नाम है INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 जो पूर्णता भारत में बना है और अभी एक वर्ष तक इसका ट्रायल चलने के बाद इसे भारतीय नौसेना को दे दिया जायेगा क्या आपको पता है की इसके आने से भारत के पास कुल कितने एयरक्राफ्ट कैरिएर हो जायेंगे और ये भारत की ताकत को समुद्री सीमा में कितनी बढ़ाएगा, चीन और पाकिस्तान की बढ़ेंगी मुश्किलें, आईएनएस विक्रांत ओल्ड ने पाकिस्तान के पीएनएस गाँजी को 1972 की लड़ाई में समुद्र में डूबा दिया था  तो आइये जानते है क़ि

INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 क्या है? 

द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटेन एक जहाज  HMS Herculious बना  रहा था पर द्वितीय विश्वयुद्ध ख़तम हो जाने के बाद वो उसके काम न आ सका बाद में भारत ने उसे 1957 में खरीद लिया और उसे मॉडिफाई करके 1961 में भारतीय नौसेना को दे दिया और इसे नाम दे दिया INS Vikrant, 1997 में INS Vikrant Aircraft Carrier को रिटायर कर दिया गया। अब भारत स्वदेशी Aircraft Carrier INS Vikrant को बना रहा है जो 2021 में बनकर तैयार हो गया है और इसका ट्रायल समुद्र में किया जा रहा है |

आईएनएस विक्रांत को कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया इसे बनाने में 10 साल लगे इसे पूर्णता भारत में बनाया गया है इसमें जो पार्ट्स लगे है वो 70 % भारत में बने है इसमें इंजीनियर और मैनपावर भी सभी भारत के ही काम किये है ये भारत के समुद्री सीमा की निगरानी करने के लिए बनाया गया है इसकी वजन खींचने की क्षमता 1.10 लाख हॉर्स पॉवर है। इस एयरक्राफ्ट कैरिएर की लम्बाई 860 फिट , चौड़ाई 203 फिट, गहराई 84 फिट, क्षेत्रफल 2.5 एकड़, स्पीड 52 किमी प्रति घंटा है और ये एयरक्राफ्ट कैरिएर 15000 km दूर तक जा सकता है इसमें 196 ऑफिसर तथा 1149 सेलर रह सकते है इसमें GYM, प्ले ग्राउंड, हॉस्पिटल है। 

भारत को क्यों पड़ी इसकी जरुरत?

भारत का समुद्री सीमा बहुत बड़ा होने के कारण हमें एयरक्राफ्ट कैरिएर की जरूरत पड़ी क्योकि हम इस पर फाइटर जेट उतार सकते है क्योकि फाइटर जेट छोटे होने के कारण बहुत दूर तक नहीं उड़ सकते क्योकि इसका फ्यूल टैंक भी छोटा होता है इससे हम समुद्र में ज्यादा दूर तक लड़ सकते है। इसी को ध्यान में रखते हुए INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 को तैयार किया गया है | इसे 2023 तक Indian Navy को सौंप दिया जायेगा | 

Features Of INS Vikrant 

INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 में किचन और 6 महीने के राशन स्टोर करने का जगह भी है । ये चलता फिरता एक शहर है इसमें कम जगह में जहाजों की अरेस्टेड लैंडिंग हो जाती है इसमें दो जहाज एक साथ उड़ान भर सकते है इसमें कम जगह में उड़ान भरने के लिए स्की जम्प सिस्टम बना है। इसमें तुरंत ब्रेक लगाने के लिए एंकर लगा जो पानी में गिराने पर कैरिएर को तुरंत रोक देता है। इसमें 76 मिमी का कैनन लगा हुआ जो तोप के लिए होता है इसके साथ AK – 630 मशीन गन लगा हुआ है।

INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 के अंदर 36 MIG – 29 के फाइटर जेट, 10 हेलीकॉप्टर और बैटल ग्रुप रख सकते है। इसमें बराक – 8 मिसाइल रखी जाएँगी और ये कैरिएर एक बार में 64 बराक – 8 मिसाइल छोड़ सकती है। INS Vikrant aircraft carrier में 14 डेक लगे हुए है यह 194 फिट ऊँची है। 

एडवांस रडार तकनिकी, कम्युनिकेशन एवं कण्ट्रोल सिस्टम 

INS Vikrant Aircraft Carrier में बहुत से रडार लगे है जो कैरिएर को दुश्मन के हमलो से सुरक्षित रखता है-

  1. Tacan Radar: इसमें  टेकान रडार लगा हुआ है जो फाइटर जेटो की सुरक्षित लैंडिंग के लिए निर्देश देता है क्योकि समुद्र में लहरों के कारण कैरिएर हिलता रहता है।
  2. Marine Radar: मरीन रडार समुद्र में दुश्मन के ड्रोन और छोटे जहाजों और पनडुब्बिओ की निगरानी करता है।
  3. Navigation Radar: नेविगेशन रडार यह जहाज को समुद्र में रास्ता बताता है।
  4. Selex Ran- 40L 3D Radar: सेलेक्स रेन रडार यह L Band Air Surveillance Radar है यह समुद्र के 400 किमी के रेंज में  कुछ भी आये उसे अपने रडार में पकड़ लेता है ये जहाज को खतरों से वार्निग करता है।
  5. Multifunctional (MF Star) Radar: ये रडार मुख्य रडार का काम करता है ये 360 डिग्री घूमकर किसी भी टारगेट को पकड़ सकता है। 
  6. SSR System: Secondary Surveillance Radar System ये अपने फाइटर जेटो तथा एयरक्राफ्ट कैरिएर को दुश्मन के मिसाइल अटैक से बचने का रास्ता बताता है ये सारे जहाजों के पोजीशन को बताता है।
  7. Weather Radar: इसमें मानसून को बताने के लिए Weather Radar लगा हुआ है।
  8. Nayan Comet System Anti Radar: अगर दुश्मन का रडार हमारे जहाज को पकड़ लेता है तो ये उसको भटका देगा।

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  • Communication System: समुद्र में कम्युनिकेशन के लिए कोई नेटवर्क नहीं होता इसलिए इसमें सॅटॅलाइट कम्युनिकेशन के लिए SATCOM. COMINT. DATALINKS. लगा हुआ है। 
  • ACCS: Advance Composite Communication System इसमें बहुत सारे एंटीना लगे होते है और ये बहुत सारे नेटवर्क का ग्रुप होता है इसी से INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 के फाइटर जेटो का सारा कम्युनिकेशन कंट्रोल होगा। 
  • ATC: इस कैरिएर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम जो जहाजों को कैरिएर पर लैंडिंग के लिए मदद करता है।

INS Vikrant aircraft carrier 2021 Cost 

INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 को बनाने में कुल 23000 करोड़ का खर्च आया है और जब ये नौसेना के पास दे दिया जायेगा तब इसमें रखे जाने वाले फाइटर जेटो, हेलीकॉप्टर और मिसाइल्स का Cost मिलाकर कुल खर्च 87000 करोड़ हो जायेगा। जो की पाकिस्तान के रक्षा बजट से 1 बिलियन डॉलर ज्यादा है।

INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 का Draught 28 फिट है यानि ये जहाज समुद्र के पानी में 28 फिट तक डूबा रहेगा यही जहाज को नेविगेट करने में मदद करता है। INS Vikrant Aircraft Carrier 2021 में 2 प्रोपलशन शाफ़्ट लगे है। इसमें पावर इंस्टालेशन के लिए 4 General Electric LM 2500 मरीन गैस टरबाइन लगा है और 2 ELECON COGAG गियरबॉक्स लगा है। भारत के पास इस समय 2 एयरक्राफ्ट कैरिएर है INS Vikrant Aircraft Carrier 2021और INS Vikramaditya है और INS Vishal तीसरे एयरक्राफ्ट को बनाने के बारे में भारत सरकार अभी सोच रही है।